Introduction परिचय
India और Canada के बीच जो diplomatic tensions की वजह से trade talks रुक गया था , अब वो दोबारा restart हो रहा हैं। दोनों देशों ने 2030 तक bilateral trade को लगभग $50 billion तक ले जाने का target सेट किया है, जो current level से काफी ज्यादा है।
Background: Diplomatic Crisis se Thawing Relations
2023 के बाद India–Canada relations एक बहुत tough phase से गुज़र रहे थे,जब political और diplomatic tensions की वजह से trade negotiations pause हो गए थे। इस वजह से CEPA (Comprehensive Economic Partnership Agreement) पर चल रही बातचीत भी effectively freeze हो गयी थी।
2025 में Canadian leadership change और high-level meetings के बाद दोनों तरफ से signals आए की relations को normal track पर वापस लाना जरूरी है। इसी context में अब trade talks को officially restart करने का decision लिया गया है।
Thawing Relations After Diplomatic Crisis
2023 में भारत-कनाडा के संबंधों में तनाव आया था, जब कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर एक सिख अलगाववादी की हत्या में संलिप्तता का आरोप लगाया था। इस आरोप के चलते दोनों देशों ने राजनयिक स्तर पर कड़े कदम उठाए, जिसमें दूतावासों से अधिकारियों को वापस बुलाना और वीजा सेवाओं को रोकना शामिल था। लेकिन अब, 2025 में दोनों नेताओं ने कई उच्च स्तरीय बैठकों के बाद शांति स्थापित करने का फैसला किया है और व्यापार वार्ताएं फिर से शुरू की हैं।
Economic Stakes and Growth Opportunities
वर्तमान में भारत और कनाडा के बीच वस्तुएं और सेवाओं का व्यापार लगभग 31 बिलियन कनाडाई डॉलर ($22 बिलियन) के करीब है। भारत की कनाडा को निर्यात में 2024-25 में तकरीबन 9.8% की वृद्धि हुई, जबकि कनाडा से भारत की आयात में कुछ गिरावट हुई है।
व्यापार मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जैसे नाभिकीय ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, और महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए द्वार खुलेंगे। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-इंडिया टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन पार्टनरशिप जैसी पहलें तकनीकी सहयोग और ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करेंगी।
Key Sectors Driving Partnership
• Critical Minerals & Energy: कनाडा से महत्वपूर्ण खनिज मिलेंगे, जो भारत की इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और बैटरी निर्माण क्षमता के लिए जरूरी हैं। साथ ही, नाभिकीय ऊर्जा में सहयोग से साफ ऊर्जा के लक्ष्यों की ओर मदद मिलेगी।
• Technology & Innovation: AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर और अन्य उच्च तकनीक क्षेत्रों में दोनों देश साझेदारी बढ़ा रहे हैं।
• Manufacturing & Defence: मेक इन इंडिया पहल के जरिए रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में कनाडाई निवेश और तकनीक की संभावनाएं बढ़ी हैं।
Diaspora and Student Connection
कनाडा में लगभग 29 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दोनों देशों के बीच सामाजिक और आर्थिक पुल का काम करते हैं। लगभग 4.2 लाख भारतीय छात्र कनाडा में पढ़ाई कर रहे हैं, जो व्यापार और सेवा क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ा रहे हैं।
Conclusion: Positive Signal for Trade & Investment
भारत-Canada के व्यापार वार्ताओं का फिर से शुरू होना यह संकेत देता है कि दोनों देश आर्थिक साझेदारी को राजनीतिक मतभेद से ऊपर रखने के इच्छुक हैं। यह निवेशकों, व्यापारियों और उद्योगपतियों के लिए एक स्वागत योग्य खबर है, जो अगले एक दशक में बड़ी व्यापारिक संभावनाओं की ओर इंगित करती है।

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